खबरों में क्यों?
- United Kingdom के Scotland ने जल अन्त्येष्टि (Water Cremation) को क़ानूनी मान्यता दे दी है — यह UK में किसी भी देश (nation) में पहली बार हुआ है।
- यह फ्यूनरल (अन्त्येष्टि) प्रक्रिया अब विधिवत़ वैध है।
Water Cremation क्या है?
- इसे Alkaline Hydrolysis, Aquamation या जल अन्त्येष्टि कहा जाता है।
- यह पारंपरिक दाह संस्कार (Cremation) या दफ़न (Burial) का एक पर्यावरण-मित्र विकल्प है।
- इस प्रक्रिया में शरीर को एक सील किए गए चेंबर में पानी + अल्कलाइन (जैसे Potassium Hydroxide) के साथ रखा जाता है और ऊर्जा/ताप दी जाती है। इससे शरीर के नरम ऊतक घुल जाते हैं और केवल हड्डियाँ बचती हैं।
- बचे हड्डी के टुकड़ों को सुखाकर राख जैसा पाउडर (जैसे ash) बनाया जाता है, जिसे परिवार रख सकता है, बिखेर सकता है या दफ़न कर सकता है।
प्रक्रिया का वैज्ञानिक पहलू
- शरीर को पहले बायोडिग्रेडेबल कपडे/नरम लपेट में रखा जाता है।
- फिर उसे 150°C के ऊष्मा ताप पर पानी और केमिकल मिश्रण में रखा जाता है।
- कुछ घंटों में शरीर का नरम हिस्सा तेज़ी से टूट जाता है (Decomposition)।
- शेष हड्डियों को सुखाकर पाउडर में बदल दिया जाता है, यह पारंपरिक दाह संस्कार की तरह ही प्रयोग में लाया जाता है।
पर्यावरण के लिए फायदेमंद
- यह प्रक्रिया कम ऊर्जा का उपयोग करती है।
- फ्लेम (आग) नहीं जलती, जिससे धुएँ-गैसों का उत्सर्जन कम होता है।
- पारंपरिक दाह संस्कार की तुलना में कर्बन फुटप्रिंट कम होता है। इसे इसलिए “Green Cremation” भी कहा जाता है।
क्यों महत्वपूर्ण है?
- यह UK में Funeral Practices में सबसे बड़ा बदलाव है पिछले 120+ सालों में।
- जनमत सर्वे में लगभग 84% लोगों ने इस विधि को समर्थन दिया।
- यह विधि पारंपरिक दाह संस्कार/दफ़न के स्थायी विकल्प देने की दिशा में आगे बढ़ी है।
Scotland ने UK में पहली बार ‘Water Cremation’ यानी Alkaline Hydrolysis को कानूनी मान्यता दी। यह विधि पारंपरिक Cremation या Burial की तुलना में पर्यावरण-पर्यावरण अनुकूल है, शरीर को पानी व रसायन के मिश्रण में गर्म करके tissue को घोलती है और अंत में हड्डी-पाउडर देती है।
