भौगोलिक चिन्तन का इतिहास

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Description

भौगोलिक चिन्तन मानव सभ्यता की उस बौद्धिक यात्रा का अध्ययन है, जिसके माध्यम से मनुष्य ने पृथ्वी, प्रकृति, पर्यावरण एवं मानव-समाज के मध्य संबंधों को समझने का प्रयास किया। यह नोट्स प्राचीन यूनानी विचारकों से लेकर आधुनिक भूगोलवेत्ताओं तक भौगोलिक विचारों के क्रमिक विकास, प्रमुख सिद्धांतों, अवधारणाओं तथा विभिन्न विचारधाराओं का सरल एवं व्यवस्थित अध्ययन प्रस्तुत करते हैं।

इसमें भूगोल के शास्त्रीय, मध्यकालीन, आधुनिक तथा समकालीन चिंतन का विस्तृत वर्णन किया गया है, जिससे विद्यार्थी विषय की मूलभूत समझ विकसित कर सकें। प्रतियोगी परीक्षाओं, विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमों तथा शोधार्थियों के लिए यह सामग्री अत्यंत उपयोगी एवं परीक्षा-उपयोगी रूप में तैयार की गई है।

यह पुस्तक केवल तथ्यों का संकलन नहीं, बल्कि भूगोल को एक वैज्ञानिक एवं दार्शनिक दृष्टिकोण से समझने का माध्यम है, जो विद्यार्थियों को विषय के गहन अध्ययन हेतु प्रेरित करती है।