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राष्ट्रपति का बिशेष अभिभाषण

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अनुच्छेद – 87: राष्ट्रपति का विशेष अभिभाषण

(1) राष्ट्रपति ‘लोक सभा के लिए प्रत्येक साधारण निर्वाचन के पश्चात् प्रथम सत्र के आरम्भ में और प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के आरम्भ में एक साथ समवेत संसद्‌ के दोनों सदनों में अभिभाषण करेगा और संसद् को उसके आह्वान के कारण बताएगा।

(2) प्रत्येक सदन की प्रक्रिया का विनियमन करने वाले नियमों द्वारा ऐसे अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों की चर्चा के लिए समय नियत करने के लिए उपबन्ध किया जाएगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बिशेष अभिभाषण में सरकार की नीतियों एवं उपलब्धियों का उल्लेख

  • अनुच्छेद 87 के तहत किए गए इस अभिभाषण में केंद्र सरकार की विगत 10 वर्षों की उपलब्धियां गिरने के साथ ही 2047 में आजादी की शताब्दी का उत्सव विकसित भारत के रूप में मनाने का आह्वान किया। सरकार की विगत वर्षों की उपलब्धियां का उल्लेख करते हुए उन्होंने अपने इस अभिभाषण में शुरुआत में कहा कि रिफॉर्म परफॉर्म एवं ट्रांसफार्मर के संकल्प ने भारत को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ाने वाली अर्थव्यवस्था बना दिया तथा 10 वर्षों में विश्व की 11 नंबर की अर्थव्यवस्था से उठकर पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था भारत हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अब उनकी सरकार भारत को विश्व की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने में जुटी है तथा इस लक्ष्य की प्राप्ति विकसित भारत की नींव को भी मजबूत करने का प्रयास करेगी।
  • कृषि की बात करते हुए राष्ट्रपति जी ने बताया कि उनकी सरकार ने विगत 10 वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हर पहलू पर बहुत जोर दिया है इनमें भी सहकारिता को प्राथमिकता दी गई है पीएम किसान सम्मन निधि योजना के तहत 3.20 लाख करोड़ की सहायता किसानों को दी जा चुकी है तथा खरीफ फसलों के MSP में भी रिकॉर्ड वृद्धि सरकार ने की है।
  • महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति जी ने अपने अभी भाषण में बताया कि मुफ्त राशन बस सस्ते गैस सिलेंडर की योजनाओं से महिलाएं बहुत लाभान्वित हो रही हैं।
  • पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रति परिवार 30 हजार से 78 हजार तक की मदद सरकार कर रही है तथा एक करोड़ से अधिक परिवार इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं।
  • डिफेंस सेक्टर में रिफॉर्म का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति जी ने बताया कि इन रिफॉर्म्स के चलते भारत अब एक लाख करोड रुपए से अधिक की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कर रहा है तथा विगत एक दशक में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट 18 गुना बढ़कर 21 हजार करोड रुपए पहुंच गया है ।
  • उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु में दो डिफेंस कॉरिडोर्स सरकार द्वारा विकसित किया जा रहे हैं तथा पिछले वर्ष हमारे सैंया जरूरत की 70% खरीद भारतीय उद्योगों से ही की गई ।
  • शहीद सैनिकों के सम्मान के लिए कर्तव्य पथ के एक छोर पर नेशनल बार मेमोरियल की स्थापना की गई है ।
  • भारत के वीजा ने ही इंडिया मिडल ईस्ट यूरोप इकोनामी कॉरिडोर को जाकर देना शुरू किया है। राष्ट्रपति जी ने यह विश्वास व्यक्त किया की है कॉरिडोर 21वीं शताब्दी के सबसे बड़े गेम चेंज में से एक सिद्ध होगा ।
  • 49 वर्ष पूर्व 25 जून 1975 को लागू हुए आपातकाल का स्मरण करते हुए इसे संविधान पर सबसे बड़ा हमला और काला अध्याय राष्ट्रपति जी ने बताया।
  • शिक्षा के क्षेत्र का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति जी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख किया तथा बताया कि देशों में 7 नए IIT, 16 IIIT, 7 IIM, 15 AIIMS, 315 मेडिकल कॉलेज व 390 विश्वविद्यालय विगत 10 वर्षों में स्थापित किए गए हैं तथा एक डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में भी काम सरकार कर रही है। परीक्षाओं में पेपरलीक के मामलों की निष्पक्ष जाँच व दोषियों को कड़ी-से-कड़ी सजा दिलवाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता अपने इस अभिभाषण में उन्होंने व्यक्त की।
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