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स्वच्छ सर्वेक्षण 2024–25

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  • आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा 18 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति जी ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024–25 (9वीं श्रृंखला) के पुरस्कार प्रदान किए।

स्वच्छता सर्वेक्षण (Swachh Survekshan)

  • यह स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM‑U) के अंतर्गत आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 2016 से आयोजित विश्व का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण है।
  • इसका उद्देश्य नागरिक भागीदारी बढ़ाना, स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा देना है।
  • 2024–25 में इसमें 4,589 शहरी स्थानीय निकाय शामिल किए गए। (याद रहे प्रारंभ में यह सर्वेक्षण 73 शहरों के साथ शुरू हुआ था और अब 4,589 शहरी निकायों तक पहुँच चुका है)
  • मूल्यांकन के प्रमुख आयाम हैं: कचरा पृथक्करण, प्रबंधन, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता, और नागरिक प्रतिक्रिया।
  • 9वीं श्रृंखला अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक आयोजित की गई ।

स्वच्छ भारत मिशन (SBM)

  • यह मिशन 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ, जिसमें ग्रामीण (SBM‑G) और शहरी (SBM‑U) खंड शामिल हैं; दोनों को स्वच्छ भारत कोष, CSR और अन्य फंडिंग से समर्थन मिलता है।

उद्देश्य

  • SBM‑G: 2 अक्टूबर 2019 तक ग्रामीण भारत को ओडीएफ (Open Defecation Free) बनाना था।
  • इसके बाद 2020–21 में फेज II शुरू हुआ ताकि 2024–25 तक ठोस और द्रव अपशिष्ट प्रबंधन के साथ ODF+ स्थिति प्राप्त की जा सके।
  • SBM‑U: 2021 में शुरू हुआ SBM‑Urban 2.0, इसका उद्देश्य था – कचरा‑मुक्त शहर, मानव मल और प्लास्टिक प्रबंधन, ग्रे‑वाटर उपचार, और क्षमता निर्माण सहित स्थायी पहलें करना।

स्वच्छ सर्वेक्षण2024–25

नया प्रारूप एवं “सुपर स्वच्छ लीग” (SSL)

  • प्रतिद्वंदिता को संतुलित बनाए रखने और लगातार टॉप पर रहने वाले शहरों (जैसे इंदौर, सात साल लगातार नंबर 1) को लगातार रैंकिंग में शामिल करने से बचाने हेतु “सुपर स्वच्छ लीग” शहरों को अलग श्रेणी दी गई।

जनसंख्या आधारित शहर वर्गीकरण

  • पहली बार शहरों को उनकी जनसंख्या के आधार पर पांच श्रेणियों में विभाजित किया गया, इससे समान आकार के शहरों में निष्पक्ष तुलना संभव हुई । ये श्रेणियां हैं-
श्रेणीजनसंख्या (लगभग)
बेहद छोटे शहर< 20,000
छोटे शहर20,000–50,000
मध्यम आकार के शहर50,000–3 लाख
बड़े शहर3–10 लाख
मिलियन-प्लस शहर10 लाख

विशेष पुरस्कार

पुरस्कारविवरण
स्वच्छ महाकुंभ2025 में प्रदूषण नियंत्रण की पहल के लिए प्रयागराज को सम्मानित किया गया।
स्वच्छ गंगा टाउनप्रयागराज को गंगा संरक्षण के लिए चुना गया।
सैफाइमित्र सुरक्षित शहरविशाखापत्तनम, जबलपुर और गोरखपुर को सम्मानित किया गया क्योंकि उन्होंने साफ-सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित किया।
स्वच्छ छावनी बोर्डसिकंदराबाद छावनी सबसे स्वच्छ चुनी गई।
प्रोमिसिंग स्वच्छ शहर ऑफ़ स्टेटदेश के 33 राज्य/संघ‑शासित प्रदेश से 35 शहरों को उनके शानदार उन्नति के लिए चुना गया 

स्वच्छ सर्वेक्षण2025में नवीन पहले

  • 2025 के सर्वेक्षण के लिए सूचकांक को सरल बनाया गया और दस व्यापक वर्गों में विभाजित किया गया, जिसमें पर्यटन स्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष ध्यान दिया गया।
  • वार्षिक थीम: ‘Reduce, Reuse, Recycle (3R)’ – जयपुर घोषणा (मार्च 2025) की दिशा में लगाया गया।
  • नई प्रविष्टियाँ जैसे – प्रोजेक्ट ग्राउंडिंग, सिटी ट्रांसपोर्ट यूनिट रूपांतरण और स्कूल स्तर पर स्वच्छता परीक्षण आदि को शामिल किया गया
श्रेणीवार सुपर स्वच्छ शहर
जनसंख्या श्रेणीचयनित शहर
10 लाख से अधिकइंदौर, सूरत, नवी मुंबई, विजयवाड़ा
3 लाख – 10 लाखनोएडा, चंडीगढ़, मैसूरु, उज्जैन, गांधीनगर, गुंटूर
50,000 – 3 लाखनई दिल्ली नगर परिषद (NDMC), तिरुपति, अंबिकापुर, लोनावला
20,000 – 50,000वीटा, सासवद, देवलाई प्रवारा, डूंगरपुर
20,000 से कमपंचगनी, पाटन, पन्हाला, बिश्रमपुर, बुधनी
श्रेणीवार टॉप 3 शहर
श्रेणीरैंक 1रैंक 2रैंक 3
10 लाख से अधिकअहमदाबादभोपाललखनऊ
3 लाख – 10 लाखमीरा-भायंदरबिलासपुरजमशेदपुर
50,000 – 3 लाखदेवासकराडकरनाल
20,000 – 50,000पणजीअस्काकुम्हारी
20,000 से कमबिल्हाचिकीटीशाहगंज

निष्कर्ष

यह पुरस्कार प्रारूप में नवीनता सुपर स्वच्छ लीग (SSL), निष्पक्ष तुलना के लिए जनसंख्या वर्गीकरण, और विविध सामाजिक-पर्यावरणीय पहल जैसे स्वच्छ गंगा टाउन, सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, सार्वजनिक और धार्मिक आयोजनों में स्वच्छता पर केंद्रित रहा। साथ ही SBM‑U एवं SBM‑G के लक्ष्य और स्वच्छ सर्वेक्षण की भूमिका ने भारत के स्वच्छता मिशन को एक समावेशी एवं सतत विकास की दिशा दी।

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