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सैन्य अभ्यास: युद्ध अभ्यास 2025

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  • सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास 2025 का 21वाँ संस्करण फोर्ट वेनराइट, अलास्का (अमेरिका) में आयोजित किया गया।
  • इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच पारस्परिक संचालन क्षमता, तत्परता और आपसी सहयोग को सुदृढ़ करना था।
  • यह अभ्यास वर्ष 2004 में आतंकवाद-रोधी प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में आरंभ हुआ था। समय के साथ इसकी प्रकृति और दायरा विस्तृत हुआ और इसमें पारंपरिक युद्ध, अपारंपरिक और संकर खतरों से निपटने की रणनीति तथा शांति अभियानों से संबंधित प्रशिक्षण को शामिल किया गया।
  • इस अभ्यास का उद्देश्य केवल सैन्य कौशल का विकास नहीं है, बल्कि द्विपक्षीय तैयारी, ब्रिगेड और बटालियन स्तर पर बेहतर समन्वय, वायु-से-भूमि एकीकरण और मुक्त एवं खुले इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण को समर्थन प्रदान करना भी है।
  • रणनीतिक दृष्टि से यह अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि अलास्का का भौगोलिक क्षेत्र आर्कटिक और इंडो-पैसिफिक दोनों प्रकार के परिचालन अनुभव उपलब्ध कराता है। भारतीय सेना को अमेरिकी सैनिकों के साथ कठोर शीतकालीन परिस्थितियों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलता है, जिससे उसकी युद्धक क्षमता और अनुकूलन शक्ति में वृद्धि होती है।
  • व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच विकसित हो रही प्रमुख रक्षा साझेदारी का एक हिस्सा है। इसमें संयुक्त सैन्य अभ्यासों के साथ-साथ रक्षा व्यापार, तकनीकी सहयोग और कार्मिकों के आदान-प्रदान को भी सम्मिलित किया जाता है।
  • भारत और अमेरिका के बीच युद्ध अभ्यास के अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण संयुक्त सैन्य अभ्यास भी होते हैं, जिनमें विशेष बलों का अभ्यास वज्र प्रहार, नौसैनिक अभ्यास SALVEX, वायुसेना अभ्यास Cope India और चतुष्कोणीय नौसैनिक अभ्यास मालाबार प्रमुख हैं।

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