
- नागालैंड (पूर्वोत्तर भारत) के फेक ज़िले के कावुनहो सामुदायिक आरक्षित वन में शोधकर्ताओं ने एक नई वनस्पति प्रजाति खोजी है, जिसका नाम “Hoya nagaensis” रखा गया है।
- यह खोज स्थानीय सामुदायिक रूप से संरक्षित वनों के महत्व को दर्शाती है, जहाँ प्रकृति की जैव विविधता अब तक कम दस्तावेज़ीकृत थी।
प्रजाति की खोज कैसे हुई?
- शोध का नेतृत्व नागालैंड विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग के वैज्ञानिकों ने किया।
- टीम ने गहन सर्वेक्षण, नमूना संग्रह और तुलनात्मक अध्ययन के ज़रिए इस नई प्रजाति की पहचान की।
- यह शोध “Kew Bulletin” नामक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
विशेषताएँ और संरक्षण स्थिति
- Hoya nagaensis की पत्तियाँ और फूल इसमें विशेष रूप से दिखाई देते हैं, जो इसे Hoya वंश की अन्य प्रजातियों से अलग बनाते हैं
- ।इस प्रजाति को अभी केवल सीमित भू-भाग में ही पाया गया है। इसका आशय है कि यह “अत्यंत संकटग्रस्त” (Critically Endangered) श्रेणी में आ सकती है।
महत्व और संदेश
- नागालैंड के सामुदायिक वन पारंपरिक रूप से संरक्षित रहे हैं, और शोध से पता चलता है कि ऐसे वनों में अब भी अनेक अनदेखी जैव विविधता मौजूद है।
- यह खोज जैव विविधता संरक्षण रणनीतियों को और अधिक स्थानीय समुदाय- केंद्रित बनाने में मदद कर सकती है।
