
- ताज़ा शोध में प्राचीन मानव इतिहास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खोज सामने आई है, जो प्रारंभिक मानव सभ्यता, कौशल और वैश्विक प्रवास के अध्ययन के लिये आवश्यक सबूत प्रदान करती है।
- इंडोनेशिया के सुलावेसी प्रांत के मुनआ द्वीप (Muna Island) में स्थित लीअंग मेतंदुनो (Liang Metanduno) नामक गुफा में शोधकर्ताओं ने 67,800 वर्ष पुराना हाथ का स्टैंसिल चित्र (hand stencil) पाया है, जिसे अब तक की विश्व की सबसे पुरानी ज्ञात गुफा कला माना जा रहा है।
- यह चित्रकला एक इंसानी हाथ के अँधेरे (stencil) का रूप है, जिसे गुफा की दीवार पर पिगमेंट उड़ेलकर बनाया गया था।
- शोधकर्ताओं ने यूरेनियम-थोरियम डेटिंग तकनीक का उपयोग कर इसका आयु अनुमानित किया, जिससे इसका न्यूनतम उम्र 67,800 वर्ष निर्धारित हुआ।
- इससे पहले 2024 में सुलावेसी क्षेत्र से मिली गुफा पेंटिंग लगभग 51,200 वर्ष पुरानी पाई गई थी, जो अब इस नई खोज से लगभग 16,000 वर्ष छोटी साबित हुई है।
ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्त्व
- ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्त्व:मानव की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति: यह खोज दर्शाती है कि इतने प्राचीन समय में भी मनुष्य ने प्रतीकात्मक कला और संज्ञानात्मक कौशल का प्रयोग किया था, जो उनके मानसिक विकास और सांस्कृतिक व्यवहार को संकेत करता है।
- प्रारंभिक मानव प्रवास: शोध से यह भी संकेत मिलता है कि पूर्वी एशिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर मानव प्रवास का मार्ग संभवत: इंडोनेशियाई द्वीपों के माध्यम से रहा होगा, जो ‘साहुल’ (पुरातन भूमि सेतु) तक पहुंच को समर्थन देता है।
- वैश्विक संदर्भ: यह चित्रकला यूरोप और स्पेन जैसे पूर्वी स्थानों से प्राप्त समानकालीन गुफा चित्रों से भी अधिक पुरानी है, जिससे मानव इतिहास की समयरेखा में महत्वपूर्ण बदलाव संभव है।
