
- भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने हाल ही में 474 पंजीकृत अप्रमाणित राजनीतिक दलों (Registered Unrecognised Political Parties – RUPPs) को सूची से हटा दिया है। इन दलों ने पिछले छह वर्षों में कोई चुनाव नहीं लड़ा था। यह कदम राजनीतिक परिदृश्य को सुव्यवस्थित करने और चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। केवल पिछले दो महीनों में ही 808 RUPPs को हटाया जा चुका है, जिससे ऐसे दलों की संख्या घटकर अब 2,046 रह गई है।
- RUPPs और पंजीकरण की पृष्ठभूमि
- भारत में राजनीतिक दलों का पंजीकरण 1951 के जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29A के तहत निर्वाचन आयोग में होता है। पंजीकरण से दलों को चुनाव चिह्न तथा आयकर में छूट जैसी सुविधाएँ मिलती हैं। लेकिन इन सुविधाओं के साथ कुछ जिम्मेदारियाँ भी जुड़ी होती हैं, जैसे नियमित रूप से चुनावों में भाग लेना और वित्तीय रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
- सूची से हटाने के कारण
- निर्वाचन आयोग के अनुसार, छह वर्षों तक लगातार चुनावों में भाग न लेना RUPPs को हटाने का मुख्य कारण है। इसके अलावा कई दलों ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23, 2023-24) की वार्षिक लेखा-परीक्षित रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की, या चुनाव लड़ने के बावजूद चुनावी खर्च का ब्यौरा दाखिल नहीं किया। ये सभी चूक निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हैं और पारदर्शिता तथा जवाबदेही को कमजोर करती हैं।
- सूची से हटाने की प्रक्रिया
- अंतिम निर्णय से पहले संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEOs) संबंधित दलों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हैं। इसके बाद दलों को सुनवाई के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। CEOs की रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद निर्वाचन आयोग पंजीकरण से हटाने का अंतिम निर्णय लेता है।
- राजनीतिक व्यवस्था पर असर
- गैर-गतिशील या नियमों का पालन न करने वाले दलों को हटाने से चुनावी प्रक्रिया में अनावश्यक अव्यवस्था कम होती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल गंभीर और सक्रिय दल ही पंजीकरण के लाभ उठा सकें। यह कदम राजनीतिक चंदे और खर्च में पारदर्शिता को भी बढ़ावा देता है। साथ ही, मतदाताओं और चुनाव प्रबंधन के लिए भी यह प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाता है।
- वर्तमान स्थिति और आगामी कार्रवाई
- हाल की कार्रवाई के बाद अब 2,046 RUPPs पंजीकृत बचे हैं। निर्वाचन आयोग इनकी नियमित निगरानी कर रहा है। फिलहाल 359 दल वित्तीय गड़बड़ियों और रिपोर्टिंग मानकों का पालन न करने के कारण जांच के दायरे में हैं। निर्वाचन आयोग के ये प्रयास एक निष्पक्ष और जवाबदेह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
- याद रहे भारत के चुनाव आयोग के 23 मार्च 2024 के नवीनतम प्रकाशनों और उसके बाद जारी अधिसूचनाओं के अनुसार, भारत में 6 राष्ट्रीय दल, 58 राज्य स्तरीय दल हैं।
