You are currently viewing मालदीव ने लागू किया विश्व का पहला पीढ़ीगत तंबाकू प्रतिबंध

मालदीव ने लागू किया विश्व का पहला पीढ़ीगत तंबाकू प्रतिबंध

Share with friends
  • मालदीव विश्व का पहला देश बन गया है जिसने 1 नवम्बर 2025 से पीढ़ीगत तंबाकू प्रतिबंध लागू किया है।
  • इस कानून के अनुसार, 1 जनवरी 2007 या उसके बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद खरीदने, प्रयोग करने या बेचने की अनुमति नहीं है।
  • यह प्रतिबंध सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों पर लागू होता है, जैसे सिगरेट, सिगार और बिना धुएं वाले तंबाकू उत्पाद।
  • सभी विक्रेताओं को तंबाकू बेचने से पहले खरीदार की आयु की जांच करना अनिवार्य है।
  • यह प्रतिबंध केवल नागरिकों पर ही नहीं बल्कि पर्यटकों और विदेशी आगंतुकों पर भी लागू होता है।
  • सरकार ने ई-सिगरेट और वेपिंग उत्पादों के आयात, बिक्री, उपयोग और कब्जे पर भी सभी आयु वर्गों के लिए प्रतिबंध लगाया है।
  • इस कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है — यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित वर्ग को तंबाकू बेचता है तो उस पर 50,000 मालदीवियन रूफिया (लगभग 3,200 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • प्रतिबंधित वेप उत्पादों के प्रयोग पर 5,000 रूफिया (लगभग 320 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • यह नीति तंबाकू नियंत्रण अधिनियम (Act No. 15/2010) में द्वितीय संशोधन के तहत वर्ष 2025 में लागू की गई है।
  • इस पहल को राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अपने स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तावित किया था।
  • इस नीति का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाना और एक तंबाकू-मुक्त पीढ़ी का निर्माण करना है।
  • यह नीति विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तंबाकू नियंत्रण के ढाँचे (Framework Convention on Tobacco Control – FCTC) के अनुरूप है।
  • मालदीव इससे पहले भी तंबाकू नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठा चुका था, जैसे न्यूनतम आयु सीमा बढ़ाना और वेपिंग उत्पादों के आयात पर रोक लगाना।
  • वर्तमान में मालदीव दुनिया का एकमात्र देश है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर पीढ़ीगत तंबाकू प्रतिबंध लागू किया है।
  • न्यूज़ीलैंड ने पहले ऐसा कानून बनाया था लेकिन नवंबर 2023 में उसे वापस ले लिया, जिससे मालदीव पहला देश बन गया जिसने इसे सफलतापूर्वक लागू किया।
  • ब्रिटेन और कुछ अन्य देशों ने भी इसी प्रकार की नीति प्रस्तावित की है, लेकिन उसे अभी लागू नहीं किया गया है।
  • इस प्रतिबंध को लागू करने में चुनौतियाँ भी हैं, क्योंकि मालदीव की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर अत्यधिक निर्भर है, और कई पर्यटक धूम्रपान करने वाले होते हैं।
  • सरकार को काले बाजार और अवैध तंबाकू व्यापार जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
  • यूनिसेफ (2025) के सर्वेक्षण के अनुसार, मालदीव के युवाओं में अभी भी तंबाकू के प्रति आकर्षण और प्रभाव देखा गया है।
  • इन चुनौतियों के बावजूद, यह नीति जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने, भविष्य में धूम्रपान दर को घटाने, और वैश्विक स्तर पर उदाहरण प्रस्तुत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

Leave a Reply