“प्रयोगात्मक भूगोल” भूगोल विषय के उस महत्वपूर्ण पक्ष को प्रस्तुत करती है, जिसमें सिद्धांतों को व्यावहारिक प्रयोगों के माध्यम से समझाया गया है। यह पुस्तक मानचित्र एवं मानचित्र-निर्माण, मानचित्रों का वर्गीकरण, मापक, प्रक्षेप, प्रतीक, सांख्यिकीय विधियाँ तथा भौगोलिक तथ्यों के विश्लेषण जैसे विषयों को सरल, क्रमबद्ध और वैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत करती है।
पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें प्रयोगात्मक भूगोल के प्रत्येक पहलू को उदाहरणों, परिभाषाओं और स्पष्ट व्याख्या के साथ समझाया गया है, जिससे विद्यार्थी स्वयं अभ्यास कर सकें और विषय की गहरी समझ विकसित कर सकें। जटिल अवधारणाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, ताकि भूगोल का अध्ययन रोचक, उपयोगी और व्यावहारिक बन सके।
यह पुस्तक स्नातक, स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों के साथ-साथ UPSC, NAT (UGC) NET/JRF, राज्य लोक सेवा आयोग, असिस्टेंट प्रोफेसर, लेक्चरर परीक्षा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
“प्रयोगात्मक भूगोल” न केवल परीक्षा-उपयोगी पुस्तक है, बल्कि यह विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक दृष्टि, तार्किक सोच और भौगोलिक कौशल के विकास में भी सहायक सिद्ध होती है। यह पुस्तक भूगोल को कक्षा से बाहर वास्तविक संसार से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है।



