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मध्यप्रदेश कला एवं संस्कृति

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मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, विविध कलात्मक परंपराओं, और अद्वितीय ऐतिहासिक विरासत के लिए विशेष स्थान रखता है। है। इसे भारत का हृदय प्रदेश भी  कहा जाता है, क्योंकि यह केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी राष्ट्र के केंद्र में स्थित है। यह भूमि न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, बल्कि इसकी कला और संस्कृति भारतीय सभ्यता की गहरी जड़ों को प्रदर्शित करती है।

यह पुस्तक, ‘मध्यप्रदेश  कला एवं संस्कृति’, पाठकों को इस प्रदेश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, कला रूपों, और स्थापत्य की अद्वितीयता से परिचित कराने का एक प्रयास है। यहाँ की संस्कृति में जनजातीय समाज की अनूठी परंपराएं, स्थापत्य कला की भव्यता, लोक संगीत की मिठास और नृत्य की सौंदर्यता समाहित है।

इस पुस्तक में मध्यप्रदेश की विभिन्न जनजातियों – जैसे भील, गोंड, सहरिया, और बैगा – की सांस्कृतिक विशेषताओं को भी शामिल किया गया है, जो उनकी कला, शिल्प और जीवन शैली को प्रकट करती हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के ऐतिहासिक धरोहर स्थलों जैसे खजुराहो, सांची, ओरछा, और भीमबेटका की विशिष्टता का वर्णन भी पुस्तक में प्रमुखता से किया गया है।

मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को समझना केवल इस प्रदेश की परंपराओं और रीति-रिवाजों का अध्ययन करना नहीं है, बल्कि यह उस गहरे आत्मीयता और सौहार्द का अनुभव करना है जो इसकी मिट्टी में बसी हुई है। यह पुस्तक ‘मध्यप्रदेश की कला एवं संस्कृति’ इन्हीं सांस्कृतिक खजानों का अध्ययन करने का एक प्रयास है। इस पुस्तक में लोक कला, आदिवासी परंपराएं, स्थापत्य शैलियाँ, साहित्यिक धरोहर, धार्मिक महत्व और उत्सवों का वर्णन विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

आज के समय में जब आधुनिकता और वैश्वीकरण के प्रभाव में पारंपरिक कलाएं और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण एक चुनौती बनता जा रहा है, यह पुस्तक मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को समझने और उसे संरक्षित करने का एक सार्थक प्रयास है। इस पुस्तक के माध्यम से पाठक न केवल मध्यप्रदेश की कलात्मक और सांस्कृतिक विविधताओं का आनंद ले सकेंगे, बल्कि इसकी गहनता और महत्त्व को भी समझ सकेंगे।

यह पुस्तक न केवल मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के लिए उपयोगी है, बल्कि मध्यप्रदेश में होने वाली अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी सहायक है। इसे बहुत ही सरल और सहज भाषा में लिखा गया है, जिससे प्रत्येक पाठक इसे आसानी से समझ सके और अपनी तैयारी को बेहतर बना सके।

यह कृति विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों, और सांस्कृतिक प्रेमियों के लिए एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी। हमें विश्वास है कि यह पुस्तक मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और कलात्मक धरोहर को समझने और संरक्षित करने की दिशा में एक प्रेरणा बनेगी।

मै उन सभी विद्वानों, इतिहासकारों, कला प्रेमियों और शोधकर्ताओं का आभारी हूँ, जिनके अध्ययनों और योगदानों ने इस पुस्तक के लेखन को संभव बनाया। साथ ही, मैं उन सभी पाठकों का स्वागत करता हूँ जो इस सांस्कृतिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए इस पुस्तक को पढ़ने जा रहे हैं।

आशा है कि यह पुस्तक आपके लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित होगी।

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